इजरायल द्वारा रविवार को लेबनान की राजधानी बेरूत के दाहिया इलाके में किए गए हवाई हमले ने पश्चिम एशिया में जारी शांति प्रयासों पर सवाल खड़े कर दिए हैं। इस हमले में तीन लोगों की मौत हो गई, जबकि 15 अन्य घायल बताए जा रहे हैं। यह हमला ऐसे समय हुआ है जब अमेरिका और ईरान के बीच लंबे समय से चल रही शांति वार्ता निर्णायक मोड़ पर पहुंच चुकी थी और दोनों देशों के बीच समझौते की उम्मीद बढ़ रही थी। बेरूत पर हुए इस हमले से अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप नाराज दिखाई दिए। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि यह हमला नहीं होना चाहिए था और इससे क्षेत्र में शांति स्थापित करने की कोशिशों को नुकसान पहुंच सकता है। ट्रंप ने दोनों पक्षों से संयम बरतने और आगे किसी भी तरह के सैन्य हमले से बचने की अपील की। उन्होंने खास तौर पर इजरायल से कहा कि लेबनान में अब और हमले नहीं किए जाने चाहिए। विशेषज्ञों का मानना है कि अमेरिका और ईरान के बीच संभावित शांति समझौते के ठीक पहले हुई यह कार्रवाई पूरे समीकरण को प्रभावित कर सकती है। हाल के दिनों में पश्चिम एशिया में तनाव कम होने और संघर्ष विराम की उम्मीदें बढ़ी थीं, लेकिन बेरूत पर नई स्ट्राइक के बाद सीजफायर समझौते पर खतरा मंडराने लगा है। हमले के बाद ईरान ने भी कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त की है। ईरानी सेना के उप कमांडर ने चेतावनी देते हुए कहा कि लेबनान में इजरायल की कार्रवाई का जवाब दिए बिना नहीं रहा जाएगा। ऐसे में क्षेत्र में तनाव एक बार फिर बढ़ने की आशंका जताई जा रही है, जबकि अमेरिका दोनों पक्षों के बीच शांति कायम रखने की कोशिशों में जुटा हुआ है।