अमेरिका और ईरान के बीच लंबे समय से जारी तनाव के बाद दोनों देशों के बीच 14 शर्तों पर आधारित एक अहम शांति समझौते पर सहमति बन गई है। इस समझौते पर 19 जून 2026 को स्विट्जरलैंड के जिनेवा में आधिकारिक हस्ताक्षर किए जाएंगे। पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ द्वारा युद्धविराम की घोषणा के बाद अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भी इस समझौते की पुष्टि की।
ईरान की मेहर न्यूज एजेंसी के अनुसार, अमेरिका और उसके सहयोगी देश ईरान के पुनर्निर्माण के लिए करीब 300 अरब डॉलर की आर्थिक सहायता उपलब्ध कराएंगे। इसके अलावा विदेशों में फंसी ईरान की 24 अरब डॉलर की संपत्ति भी चरणबद्ध तरीके से जारी की जाएगी। बदले में ईरान ने परमाणु हथियार विकसित नहीं करने और परमाणु अप्रसार संधि (NPT) के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराने का आश्वासन दिया है।
समझौते के तहत ईरानी तेल और पेट्रोकेमिकल निर्यात पर लगी पाबंदियों को हटाने, अमेरिकी नौसैनिक नाकेबंदी समाप्त करने और होर्मुज जलडमरूमध्य को दोबारा खोलने पर सहमति बनी है। साथ ही अमेरिका ने ईरान की संप्रभुता का सम्मान करने और उसके आंतरिक मामलों में हस्तक्षेप नहीं करने का वादा किया है।
जिनेवा में होने वाले हस्ताक्षर समारोह में ईरान की ओर से संसद अध्यक्ष मोहम्मद बाघेर गालिबाफ और विदेश मंत्री अब्बास अराघची शामिल होंगे, जबकि अमेरिका का प्रतिनिधित्व उपराष्ट्रपति जेडी वेंस करेंगे। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के भी इस महत्वपूर्ण अवसर पर जिनेवा पहुंचने की संभावना जताई जा रही है। इस प्रस्तावित समझौते पर अब पूरी दुनिया की नजरें टिकी हुई हैं।
World
फ्रीज किए गए 24 अरब डॉलर होंगे जारी, अमेरिका-ईरान डील की 14 शर्तें जानिए...
Source: Insight Now