ईरान और अमेरिका के बीच हाल ही में हुए शांति समझौते को लेकर पश्चिम एशिया में तनाव एक बार फिर बढ़ गया है। इजराइल ने इस प्रस्तावित पीस डील को सख्ती से खारिज कर दिया है और इसके साथ ही ईरान समर्थित गुटों, खासकर हिज्बुल्लाह, के खिलाफ अपने सैन्य अभियान और तेज कर दिए हैं। इजराइली सरकार का साफ कहना है कि देश की सुरक्षा को किसी भी कीमत पर समझौते के दायरे में नहीं लाया जा सकता।
इजराइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने दो टूक कहा कि राष्ट्रीय सुरक्षा उनके लिए सर्वोच्च प्राथमिकता है और वे किसी भी अंतरराष्ट्रीय दबाव या कूटनीतिक समझौते के चलते इसे कमजोर नहीं होने देंगे। इजराइल का मानना है कि ईरान के साथ किसी भी तरह की डील तभी भरोसेमंद हो सकती है जब उसके परमाणु कार्यक्रम को पूरी तरह खत्म किया जाए और उसके क्षेत्रीय मिलिशिया नेटवर्क को भी निष्क्रिय किया जाए।
इस बीच अमेरिका और ईरान के बीच 14 शर्तों पर आधारित एक शांति समझौते की घोषणा की गई है। बताया जा रहा है कि अमेरिकी राष्ट्रपति ने इस डील के तहत कुछ प्रतिबंधों में ढील देने और रणनीतिक समुद्री मार्गों, खासकर होर्मुज स्ट्रेट, को फिर से खोलने की बात कही है। इससे वैश्विक तेल आपूर्ति को राहत मिलने की उम्मीद जताई जा रही है।
हालांकि इजराइल ने इस पूरी प्रक्रिया पर सवाल उठाते हुए अपनी सैन्य कार्रवाई जारी रखी है। इजराइली वायुसेना और खुफिया एजेंसी मोसाद ने ईरान और उसके पड़ोसी देशों में स्थित ठिकानों पर हमले तेज कर दिए हैं। इस स्थिति ने मध्य पूर्व में एक बड़े संघर्ष की आशंका को और गहरा कर दिया है, जबकि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चल रही शांति कोशिशें भी दबाव में आ गई हैं।
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ईरान-यूएस पीस डील को इजराइल ने किया खारिज, हिज्बुल्लाह समेत ईरान समर्थित गुटों पर बढ़ाए हमले; नेतन्याहू बोले- राष्ट्रीय सुरक्षा से कोई समझौता नहीं करेंगे...
Source: Insight Now