नीट यूजी 2026 की दोबारा परीक्षा से पहले कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी वाड्रा ने केंद्र सरकार और मौजूदा शिक्षा व्यवस्था पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने दावा किया कि हर साल नीट परीक्षा की तैयारी और प्रक्रिया में शामिल लगभग 22 लाख छात्रों और उनके परिवारों से कुल ₹1.32 लाख करोड़ का खर्च कराया जाता है। उनके अनुसार यह राशि देश के करीब ₹1.40 लाख करोड़ के शिक्षा बजट के लगभग बराबर है। प्रियंका गांधी ने यह भी कहा कि सरकार ने अपने पसंदीदा उद्योगपतियों के लगभग ₹16 लाख करोड़ के कर्ज माफ किए हैं।
प्रियंका गांधी की यह प्रतिक्रिया राहुल गांधी के कोटा दौरे के बाद सामने आई। राहुल गांधी ने ‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम में छात्रों से बातचीत करते हुए कहा था कि नीट, जेईई, एसएससी, यूपीएससी और आरआरबी जैसी प्रमुख परीक्षाओं की तैयारी पर हर साल छात्र और उनके परिवार करीब ₹3.5 लाख करोड़ खर्च करते हैं।
इस बीच राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (NTA) ने नीट यूजी 2026 री-एग्जाम के एडमिट कार्ड डाउनलोड करने की प्रक्रिया में बदलाव किया है। अब छात्र बैंक खाते का वेरिफिकेशन पूरा किए बिना भी अपना एडमिट कार्ड डाउनलोड कर सकेंगे। बैंक वेरिफिकेशन बाद में करने पर भी उम्मीदवार परीक्षा शुल्क रिफंड के लिए पात्र रहेंगे।
नीट यूजी 2026 की दोबारा परीक्षा 21 जून को दोपहर 2 बजे से शाम 5:15 बजे तक एक ही शिफ्ट में आयोजित होगी। प्रशासनिक प्रक्रियाओं के लिए अतिरिक्त 15 मिनट भी दिए जाएंगे। नई गाइडलाइंस के तहत परीक्षा की अवधि 180 मिनट से बढ़ाकर 195 मिनट कर दी गई है और रफ वर्क के लिए चार अलग शीट उपलब्ध कराई जाएंगी।
गौरतलब है कि 3 मई 2026 को आयोजित नीट परीक्षा पेपर लीक और अनियमितताओं के आरोपों के बाद रद्द कर दी गई थी। जांच के बाद केंद्र सरकार और एनटीए ने दोबारा परीक्षा कराने का फैसला लिया। नीट के माध्यम से देशभर के सरकारी और निजी मेडिकल कॉलेजों में एमबीबीएस, बीडीएस, आयुष और नर्सिंग सहित विभिन्न पाठ्यक्रमों में प्रवेश दिया जाता है।
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प्रियंका गांधी का दावा- 22 लाख छात्रों और उनके परिवारों से हर साल ₹1.32 लाख करोड़ खर्च होते हैं...
Source: Insight Now