नई दिल्ली। दिल्ली सरकार स्वास्थ्य सेवाओं में पारदर्शिता और जवाबदेही बढ़ाने के लिए लगातार प्रशासनिक सुधार कर रही है। सेंट्रल प्रोक्योरमेंट एजेंसी (CPA) में कथित भ्रष्टाचार के मामले के बाद अब सरकार ने तिहाड़ और मंडोली जेलों में लंबे समय से तैनात डॉक्टरों के तबादले की प्रक्रिया शुरू करने की तैयारी की है। इस संबंध में उपराज्यपाल को प्रस्ताव भेजा गया है। प्रस्ताव के मुताबिक, पांच साल या उससे अधिक समय से एक ही स्थान पर कार्यरत 39 डॉक्टरों का स्थानांतरण किया जा सकता है। इनमें तिहाड़ और मंडोली जेलों में सेवाएं दे रहे स्पेशलिस्ट डॉक्टरों और जनरल ड्यूटी मेडिकल ऑफिसर (GDMO) शामिल हैं। कुछ डॉक्टर वर्ष 2014 से लगातार एक ही स्थान पर तैनात हैं। सरकार की योजना इन 39 डॉक्टरों के स्थानांतरण के साथ लगभग 35 नए डॉक्टरों की नियुक्ति करने की भी है। इस तरह कुल करीब 74 स्थानांतरण किए जाने का प्रस्ताव तैयार किया गया है। इससे पहले CPA मामले में 40 से अधिक मेडिकल स्टाफ और प्रशासनिक अधिकारियों के तबादले किए जा चुके हैं, जबकि डॉ. वत्सला अग्रवाल और डॉ. विजय कुमार रंगा को निलंबित किया गया था। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि स्वास्थ्य विभाग की विभिन्न इकाइयों को अधिक सक्षम, जवाबदेह और जनहित केंद्रित बनाने के लिए समय-समय पर कर्मचारियों और अधिकारियों की समीक्षा की जा रही है। उन्होंने कहा कि बेहतर प्रशासनिक व्यवस्था और मानव संसाधनों के संतुलित उपयोग के लिए आवश्यकतानुसार बदलाव किए जा रहे हैं। इसी कड़ी में तिहाड़ और मंडोली जेलों में लंबे समय से तैनात डॉक्टरों के तबादले की सिफारिश की गई है।