तमिलनाडु में सत्ता संभालने के बाद TVK प्रमुख और मुख्यमंत्री थलापति विजय ने विधानसभा में अपना पहला संबोधन दिया, जिसमें उन्होंने विपक्ष और आलोचकों को कड़ा जवाब दिया। विजय ने अपनी सरकार को “आम लोगों की सरकार” बताते हुए कहा कि TVK ने जनता के विश्वास और लंबे संघर्ष के दम पर यह सफलता हासिल की है। मुख्यमंत्री विजय ने कहा कि उनकी पार्टी को अक्सर “एक्टर की पार्टी” कहकर कमतर आंकने की कोशिश की गई, लेकिन जनता के समर्थन ने सभी आलोचनाओं का जवाब दे दिया। उन्होंने कहा कि 2026 के विधानसभा चुनाव में पार्टी को 35 प्रतिशत वोट मिले और यह जीत किसी शॉर्टकट का परिणाम नहीं, बल्कि वर्षों की मेहनत और संघर्ष का फल है। उन्होंने कहा कि तमिलनाडु के लोगों का भरोसा जीतने के लिए पार्टी कार्यकर्ताओं ने लगातार मेहनत की है। बाहर से देखने वालों को भले ही सत्ता आसानी से मिलती दिखाई दे, लेकिन इसके पीछे कई चुनौतियां, साजिशें और प्रतिबंधों का सामना करना पड़ा है, जिसे केवल TVK के लोग ही जानते हैं। अपने संबोधन के दौरान विजय ने चुनावी रैली में हुई भगदड़ का भी जिक्र किया, जिसमें 41 लोगों की जान चली गई थी। उन्होंने कहा कि उस हादसे का दर्द आज भी उनके मन में है, लेकिन राजनीति इतनी कठोर हो चुकी है कि पूरे मामले का दोष उनकी पार्टी पर मढ़ दिया गया। विजय ने कहा कि पूर्व मुख्यमंत्री सी.एन. अन्नादुरई और एमजी रामचंद्रन की तरह उनकी सरकार भी समाज के सबसे साधारण नागरिकों का प्रतिनिधित्व करती है। उन्होंने याद दिलाया कि राजनीति में आने से पहले भी वह और उनके समर्थक 2011 में मछुआरों के समर्थन में आवाज उठाते रहे हैं।