पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में हार के बाद तृणमूल कांग्रेस (TMC) के भीतर जारी सियासी घमासान अब खुलकर सामने आ गया है। पार्टी के बागी नेताओं द्वारा समानांतर वर्किंग कमेटी बनाने और ममता बनर्जी को अध्यक्ष पद से हटाने के ऐलान के बाद मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने भी बड़ा दांव चलते हुए चुनाव आयोग (EC) को पार्टी पदाधिकारियों और राष्ट्रीय कार्यसमिति की नई सूची सौंप दी है। नई सूची में ममता बनर्जी को अखिल भारतीय तृणमूल कांग्रेस (AITC) का राष्ट्रीय अध्यक्ष बताया गया है, जबकि अभिषेक बनर्जी को राष्ट्रीय महासचिव और सुब्रत बख्शी को उपाध्यक्ष के रूप में शामिल किया गया है। पार्टी की ओर से सभी पदाधिकारियों के नाम और उनकी जिम्मेदारियों की जानकारी आधिकारिक तौर पर निर्वाचन आयोग को भेज दी गई है। इससे एक दिन पहले सोमवार को ऋतब्रत बनर्जी के नेतृत्व वाले बागी गुट ने कोलकाता में विशेष बैठक कर समानांतर वर्किंग कमेटी का गठन किया था। बागी नेताओं ने ममता बनर्जी को अध्यक्ष पद से हटाकर अरूप रॉय को नया अध्यक्ष घोषित किया था। साथ ही, ऋतब्रत बनर्जी ने ममता बनर्जी को पार्टी का मुख्य सलाहकार बनाए जाने का प्रस्ताव भी दिया था। बागी गुट का दावा है कि फरवरी 2022 में गठित राष्ट्रीय कार्यसमिति का कार्यकाल समाप्त हो चुका है और इसी वजह से पार्टी के भीतर संवैधानिक संकट पैदा हो गया है। ऐसे में दोनों गुटों के अलग-अलग दावों के बाद पार्टी पर नियंत्रण को लेकर विवाद और गहरा हो गया है। अब इस पूरे मामले पर चुनाव आयोग की भूमिका और फैसला अहम माना जा रहा है।