महाराष्ट्र विधानसभा के मानसून सत्र के बीच विधान परिषद के उपसभापति पद को लेकर राजनीतिक हलचल तेज हो गई है। हालांकि इस पद के लिए चुनाव फिलहाल टाल दिया गया है और सरकार विशेष एक दिवसीय अधिवेशन बुलाकर इस पर फैसला लेने की तैयारी कर रही है। सूत्रों के मुताबिक, शिवसेना (शिंदे गुट) के कोटे से खाली हुई इस महत्वपूर्ण सीट पर नियुक्ति को लेकर पार्टी के भीतर मंथन जारी है।
इस पद के लिए सबसे मजबूत दावेदार के रूप में डॉ. नीलम गोरहे का नाम सामने आ रहा है। नीलम गोरहे हाल ही में लगातार पांचवीं बार महाराष्ट्र विधान परिषद की सदस्य चुनी गई हैं। इससे पहले भी वह विधान परिषद की उपसभापति रह चुकी हैं और संगठन तथा सदन में उनका लंबा अनुभव माना जाता है। उनके कार्यकाल की समाप्ति के बाद यह पद रिक्त हो गया था।
सूत्रों की मानें तो नीलम गोरहे के अलावा नंदुरबार से विधान परिषद सदस्य चंद्रकांत रघुवंशी और विधायक बच्चू कडू के नामों पर भी विचार किया जा रहा है। हालांकि पार्टी के भीतर अभी किसी एक नाम पर पूर्ण सहमति नहीं बन पाई है। इसी वजह से चुनाव प्रक्रिया को फिलहाल टालकर विशेष सत्र में फैसला लेने की संभावना जताई जा रही है।
राजनीतिक गलियारों में अब इस बात को लेकर चर्चा तेज है कि क्या नीलम गोरहे एक बार फिर उपसभापति पद पर वापसी करेंगी या शिवसेना किसी नए चेहरे को मौका देगी। फिलहाल सभी की नजरें पार्टी नेतृत्व और आगामी विशेष अधिवेशन के फैसले पर टिकी हुई हैं। उल्लेखनीय है कि विधानसभा के उपाध्यक्ष का पद पहले से ही एकनाथ शिंदे की पार्टी के पास है, जबकि विधान परिषद का उपसभापति पद वर्तमान में खाली पड़ा है।
Politics
क्या फिर बनेंगी उपसभापति? नीलम गोरहे का नाम सबसे मजबूत दावेदार
Source: Insight Now