यूरोप में बढ़ते प्रवासन और इस्लामीकरण को लेकर जारी बहस के बीच डेनमार्क की सरकार मस्जिदों से लाउडस्पीकर पर दी जाने वाली अजान पर कानूनी प्रतिबंध लगाने की संभावना पर विचार कर रही है। देश के इमिग्रेशन मंत्री मोर्टन बोडस्कोव ने कहा है कि सरकार इस प्रस्ताव की कानूनी समीक्षा कर रही है ताकि यह तय किया जा सके कि ऐसा कानून संविधान और धार्मिक स्वतंत्रता के नियमों के अनुरूप बनाया जा सकता है या नहीं।
मंत्री बोडस्कोव का कहना है कि डेनमार्क की पहचान और सामाजिक माहौल को बनाए रखना सरकार की प्राथमिकता है। उन्होंने टिप्पणी करते हुए कहा कि देश में ऐसा वातावरण नहीं होना चाहिए जिससे लोगों को लगे कि वे इस्लामाबाद जैसे किसी शहर में हैं। उनके अनुसार, डेनमार्क की छतों पर अजान की आवाज़ सुनाई देना देश की सांस्कृतिक पहचान के अनुरूप नहीं है।
डेनमार्क में करीब 2.7 लाख मुस्लिम आबादी रहती है और पूरे देश में लगभग 100 मस्जिदें हैं। हाल के वर्षों में यूरोप के कई देशों में प्रवासन, धार्मिक पहचान, हिजाब और सार्वजनिक धार्मिक गतिविधियों को लेकर बहस तेज हुई है। इसी पृष्ठभूमि में डेनमार्क सरकार का यह प्रस्ताव भी चर्चा का विषय बन गया है।
हालांकि फिलहाल अजान पर प्रतिबंध लगाने का फैसला अंतिम रूप से लागू नहीं हुआ है। सरकार पहले इसकी कानूनी वैधता की जांच करेगी। डेनमार्क का संविधान सभी नागरिकों को सार्वजनिक रूप से अपने धर्म का पालन करने की स्वतंत्रता देता है, इसलिए इस प्रस्ताव पर आगे क्या निर्णय होगा, यह कानूनी समीक्षा पूरी होने के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा।
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'यह इस्लामाबाद नहीं है', अजान को लेकर यूरोपीय देश का बड़ा फैसला जल्द?
Source: Insight Now