महाराष्ट्र शिक्षक पात्रता परीक्षा (TET) 2026 का प्रश्नपत्र कथित तौर पर परीक्षा से करीब 24 घंटे पहले लीक होने के बाद राज्य सरकार ने परीक्षा को स्थगित कर दिया है। इस घटना के सामने आते ही राज्य की राजनीति गरमा गई है और विपक्ष ने महायुति सरकार के साथ-साथ केंद्र सरकार पर भी तीखा हमला बोला है। कांग्रेस, एनसीपी (एसपी) और अन्य विपक्षी दलों ने पेपर लीक की घटना को परीक्षा व्यवस्था की बड़ी विफलता बताते हुए सरकार से जवाब मांगा है। उनका कहना है कि बार-बार होने वाले पेपर लीक से लाखों छात्रों का भविष्य प्रभावित हो रहा है और युवाओं का भरोसा परीक्षा प्रणाली से उठता जा रहा है। लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने इस मामले पर सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि "एक और पेपर लीक, एक और परीक्षा रद्द।" उन्होंने आरोप लगाया कि देश की शिक्षा और परीक्षा व्यवस्था को "वसूली का सिस्टम" बना दिया गया है। राहुल गांधी ने कहा कि यह सिर्फ एक पेपर लीक का मामला नहीं, बल्कि युवाओं के भविष्य की चोरी है और इससे देश का हर छात्र असुरक्षित महसूस कर रहा है। वहीं, कांग्रेस ने भी अपने आधिकारिक एक्स अकाउंट से सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि भाजपा सरकार के कार्यकाल में शायद ही कोई ऐसी परीक्षा बची हो, जिसका पेपर लीक न हुआ हो। पार्टी ने इसे "पेपर लीक सरकार" करार दिया। उधर, एनसीपी (एसपी) के प्रवक्ता अमोल मातेले ने कहा कि यदि शिक्षक भर्ती जैसी महत्वपूर्ण परीक्षा भी सुरक्षित नहीं है, तो अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं की विश्वसनीयता पर भी गंभीर सवाल खड़े होते हैं। इस पूरे मामले को लेकर सोशल मीडिया और राजनीतिक गलियारों में लगातार बहस तेज हो गई है।