पश्चिम बंगाल की विधानसभा में आज सोमवार को समान नागरिक संहिता (UCC) विधेयक पेश किया जाएगा। मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी के नेतृत्व वाली बीजेपी सरकार इस बिल को विशेष सत्र में सदन के सामने रखेगी। सरकार का कहना है कि इस कानून का उद्देश्य विवाह, तलाक, उत्तराधिकार, गोद लेने और लिव-इन रिलेशनशिप जैसे नागरिक मामलों में सभी धर्मों के लिए एक समान कानूनी व्यवस्था लागू करना है।
इस बीच पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने UCC के खिलाफ विधानसभा से लेकर सड़क तक संघर्ष करने का ऐलान किया है। खास बात यह है कि तृणमूल कांग्रेस (TMC) के दोनों गुट इस विधेयक का विरोध करने की तैयारी में हैं। हालांकि दोनों की रणनीति अलग-अलग होगी और वे अलग-अलग राजनीतिक तर्कों के साथ सरकार को घेरने की कोशिश करेंगे।
बीजेपी ने विधानसभा में स्पष्ट बहुमत होने के चलते इस विधेयक के आसानी से पारित होने का भरोसा जताया है। इससे पहले केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने चुनावी घोषणा-पत्र में UCC को कानून के सामने समानता सुनिश्चित करने वाला बड़ा कदम बताया था। अब सरकार सत्ता में आने के बाद इस वादे को पूरा करने की दिशा में आगे बढ़ रही है।
विशेष सत्र के दौरान UCC के अलावा चार अन्य महत्वपूर्ण विधेयक भी पेश किए जाएंगे। इनमें अवैध तरीके से अर्जित संपत्तियों की जब्ती और उनकी नीलामी से जुड़ा बिल भी शामिल है।
मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने कहा कि उत्तराखंड, गुजरात और असम की तर्ज पर पश्चिम बंगाल में भी तय कानूनी प्रक्रिया का पालन करते हुए UCC लागू किया जाएगा। वहीं प्रदेश बीजेपी अध्यक्ष शमिक भट्टाचार्य ने स्पष्ट किया कि प्रस्तावित कानून के दायरे से आदिवासी समुदाय को पूरी तरह बाहर रखा जाएगा।
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विधानसभा में आज UCC बिल, TMC के दोनों गुट सरकार को घेरने की तैयारी में
Source: Insight Now