शिवसेना (UBT) प्रमुख उद्धव ठाकरे ने पार्टी छोड़कर एकनाथ शिंदे गुट में शामिल हुए छह सांसदों की सदस्यता तत्काल रद्द करने की मांग की है। उन्होंने आरोप लगाया कि इन सांसदों ने जनता या विकास के लिए नहीं, बल्कि अपने निजी स्वार्थ और राजनीतिक फायदे के लिए पाला बदला है। ठाकरे ने कहा कि दल-बदल कानून का सख्ती से पालन होना चाहिए और लोकसभा अध्यक्ष को इस मामले में जल्द फैसला लेना चाहिए।
परभणी में आयोजित एक रैली को संबोधित करते हुए महाराष्ट्र के पूर्व मुख्यमंत्री ने दावा किया कि इन सांसदों का शिंदे गुट में जाना केवल एक सामान्य राजनीतिक घटना नहीं, बल्कि एक सुनियोजित रणनीति का हिस्सा है। उन्होंने इसे ‘ऑपरेशन देवेंद्र’ नाम देते हुए आरोप लगाया कि इसके जरिए मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस को धीरे-धीरे राजनीतिक रूप से कमजोर करने की कोशिश की जा रही है।
उद्धव ठाकरे ने भारतीय जनता पार्टी के केंद्रीय नेतृत्व पर भी तीखा हमला बोला। उनका कहना था कि भाजपा अपने ही बड़े नेताओं की राजनीतिक ताकत कम करने में माहिर है। उन्होंने उदाहरण देते हुए शिवराज सिंह चौहान, नितिन गडकरी और देवेंद्र फडणवीस का नाम लिया। ठाकरे ने दावा किया कि नितिन गडकरी की राजनीतिक भूमिका सीमित इसलिए की गई ताकि वे प्रधानमंत्री पद की दौड़ में आगे न बढ़ सकें।
उन्होंने एकनाथ शिंदे पर भी निशाना साधते हुए कहा कि भाजपा के नेतृत्व वाले गठबंधन में उनका राजनीतिक भविष्य सुरक्षित नहीं है। इसके अलावा ठाकरे ने राम मंदिर में चढ़ावे में कथित गड़बड़ी का मुद्दा उठाते हुए भाजपा पर धार्मिक भावनाओं का राजनीतिक लाभ उठाने का आरोप लगाया। इसी दौरान उन्होंने भाजपा को ‘बाबर जनता पार्टी’ कहकर भी निशाना साधा।
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‘6 बागी सांसदों की सदस्यता जाए’, उद्धव ठाकरे बोले– जनता नहीं, स्वार्थ चुना
Source: Insight Now