**मुंबई:** महाराष्ट्र विधानसभा के मानसून सत्र के दौरान प्रतियोगी परीक्षाओं में लगातार सामने आ रहे पेपर लीक के मामलों को लेकर सदन में जोरदार हंगामा देखने को मिला। विपक्ष ने इस मुद्दे को गंभीर बताते हुए सरकार पर युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ करने का आरोप लगाया। कांग्रेस विधायक और विधायक दल के नेता विजय वडेट्टीवार ने कहा कि बार-बार हो रही पेपर लीक की घटनाओं से लाखों छात्रों की वर्षों की मेहनत बेकार हो रही है, जबकि सरकार परीक्षा प्रणाली को सुरक्षित और पारदर्शी बनाने में लगातार विफल साबित हो रही है। सत्र की शुरुआत होते ही विपक्ष ने इस मुद्दे पर स्थगन प्रस्ताव लाने की मांग की। चर्चा के दौरान वडेट्टीवार ने कहा कि हालिया TET पेपर लीक मामला केवल एक घटना नहीं, बल्कि पूरे सिस्टम की खामियों को उजागर करता है। उन्होंने मांग की कि सिर्फ आरोपियों की गिरफ्तारी तक कार्रवाई सीमित न रहे, बल्कि पेपर तैयार करने वाली एजेंसियों, संबंधित कंपनियों और पूरे नेटवर्क की निष्पक्ष जांच कर असली मास्टरमाइंड तक पहुंचा जाए। वडेट्टीवार ने सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि लगातार हो रहे पेपर लीक से महाराष्ट्र की छवि खराब हो रही है और लाखों छात्रों व शिक्षकों का भविष्य अनिश्चितता में फंस गया है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार इस गंभीर मुद्दे पर कोई प्रभावी कदम उठाती नजर नहीं आ रही है। विपक्ष ने यह भी दावा किया कि सरकार सदन में इस विषय पर संतोषजनक जवाब देने में असफल रही और विपक्षी सदस्यों को अपनी बात पूरी तरह रखने का अवसर भी नहीं दिया गया। कांग्रेस ने दोहराया कि केवल छोटे स्तर के आरोपियों की गिरफ्तारी से समस्या का समाधान नहीं होगा। पेपर लीक रैकेट से जुड़े सभी लोगों और संस्थाओं की जवाबदेही तय कर कड़ी कार्रवाई की जानी चाहिए, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं पर रोक लग सके और छात्रों का परीक्षा प्रणाली पर भरोसा फिर से कायम हो।