**Humayun Kabir News:** पश्चिम बंगाल विधानसभा में **'द वेस्ट बंगाल पब्लिक सेफ्टी एंड कंट्रोल ऑफ एंटी-सोशल एक्टिविटीज बिल-2026'** पारित होने के दौरान मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी और AJUP नेता हुमायूं कबीर के बीच तीखी राजनीतिक टकराहट देखने को मिली। विधानसभा में मुख्यमंत्री ने हुमायूं कबीर पर भड़काऊ भाषण देने और राज्य में अराजकता फैलाने का आरोप लगाते हुए सख्त कानूनी कार्रवाई की चेतावनी दी। उन्होंने सदन में कबीर के पुराने विवादित बयानों का उल्लेख करते हुए कहा कि सरकार अब ऐसे मामलों में किसी को भी बख्शने वाली नहीं है।
मुख्यमंत्री की इस चेतावनी के बाद हुमायूं कबीर ने सफाई देते हुए कहा कि उन्होंने कभी भी मुख्यमंत्री या शुभेंदु अधिकारी के खिलाफ कोई बयान नहीं दिया। उनके मुताबिक, उन्होंने केवल उन लोगों का विरोध किया है जो राजनीतिक संरक्षण में गुंडागर्दी कर रहे हैं। कबीर ने कहा कि यदि उनके भाषण को आधार बनाकर उन्हें जेल भेजने की कोशिश की जाती है, तो वे कानूनी लड़ाई लड़ेंगे।
इस बीच, 29 जून को विधानसभा में पारित इस विवादित सुरक्षा विधेयक के समर्थन में 176 वोट पड़े, जबकि 41 विधायकों ने इसका विरोध किया। 20 विधायक मतदान से अनुपस्थित रहे। सरकार का कहना है कि यह कानून दंगों, हिंसा और असामाजिक गतिविधियों पर प्रभावी रोक लगाने के लिए लाया गया है।
मुख्यमंत्री की चेतावनी के कुछ ही समय बाद बंगाल पुलिस ने हुमायूं कबीर के एक सार्वजनिक कार्यक्रम से जुड़े तीन आयोजकों के खिलाफ कार्रवाई शुरू कर दी। पुलिस ने अमीनुल शेख, गुलाम मुस्तफा और अनीसुर रहमान को गिरफ्तार किया है। आरोप है कि इसी कार्यक्रम में हुमायूं कबीर ने कथित तौर पर भड़काऊ भाषण दिया था। इस कार्रवाई के बाद पश्चिम बंगाल की राजनीति में इस पूरे मामले को लेकर सियासी बहस और तेज हो गई है।
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शुभेंदु अधिकारी की सख्ती के बाद हुमायूं कबीर का बयान, कहा- मैंने सिर्फ गुंडागर्दी के खिलाफ आवाज उठाई
Source: Insight Now