अयोध्या में राम मंदिर के कथित चढ़ावा चोरी मामले को लेकर कांग्रेस और भाजपा के बीच सियासी टकराव तेज हो गया है। उत्तर प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष अजय राय के प्रस्तावित विरोध प्रदर्शन से पहले उन्हें देर रात अयोध्या के एक होटल से हिरासत में ले लिया गया। वहीं, कांग्रेस के कई अन्य नेताओं और पदाधिकारियों को भी हाउस अरेस्ट कर घरों से बाहर न निकलने के निर्देश दिए गए। इस कार्रवाई के बाद कांग्रेस ने केंद्र और उत्तर प्रदेश सरकार पर लोकतांत्रिक अधिकारों के दमन का आरोप लगाया है। कांग्रेस महासचिव और राज्यसभा सांसद जयराम रमेश ने इस पूरे घटनाक्रम पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को निशाने पर लिया। उन्होंने आरोप लगाया कि अयोध्या राम मंदिर में कथित चढ़ावे की चोरी जैसे गंभीर मामले पर प्रधानमंत्री की चुप्पी करोड़ों श्रद्धालुओं की धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचा रही है। जयराम रमेश ने उत्तर प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष अजय राय की सोशल मीडिया पोस्ट साझा करते हुए कहा कि इस मुद्दे पर जवाबदेही तय होनी चाहिए। कांग्रेस का दावा है कि अजय राय के नेतृत्व में कई सांसद, विधायक और वरिष्ठ नेता अयोध्या पहुंचकर रामलला के दर्शन करने और विरोध प्रदर्शन में शामिल होने वाले थे। इनमें किशोरी लाल शर्मा, राकेश राठौर, उज्ज्वल रमण सिंह, तनुज पुनिया, वीरेन्द्र चौधरी समेत कई नेताओं के नाम शामिल थे। जयराम रमेश ने अपने सोशल मीडिया पोस्ट में सरकार पर तीखा हमला बोलते हुए आरोप लगाया कि जनता के दबाव के बाद एसआईटी रिपोर्ट के आधार पर एफआईआर दर्ज हुई, लेकिन मुख्य आरोपी अब भी खुलेआम घूम रहे हैं। उन्होंने यह भी कहा कि कांग्रेस नेताओं को मंदिर जाने से रोकना और उन्हें हाउस अरेस्ट करना लोकतांत्रिक मूल्यों के खिलाफ है। कांग्रेस ने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है।