करीब चार दशक से अधिक समय तक भारतीय सेना की सेवा करने के बाद जनरल उपेंद्र द्विवेदी मंगलवार को भारतीय थल सेना प्रमुख के पद से सेवानिवृत्त हो गए। रक्षा मंत्रालय ने उनकी जगह लेफ्टिनेंट जनरल धीरज सेठ को नया चीफ ऑफ आर्मी स्टाफ नियुक्त किया है। पद छोड़ने से पहले जनरल द्विवेदी ने नई दिल्ली स्थित राष्ट्रीय युद्ध स्मारक पर शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित की और विदाई समारोह में भावुक संबोधन दिया।
अपने संबोधन में जनरल द्विवेदी ने कहा कि भारतीय सेना में सेवा करना उनके जीवन का सबसे बड़ा सौभाग्य रहा। उन्होंने सैनिकों, पूर्व सैनिकों, उनके परिवारों और देशवासियों का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि भारतीय सेना की सबसे बड़ी ताकत उसके जवान हैं। उन्होंने यह भी कहा कि सेना को देश के नागरिकों के अटूट विश्वास और समर्थन से ऊर्जा मिलती है, जो हर चुनौती का सामना करने का हौसला देता है।
उन्होंने नए सेना प्रमुख लेफ्टिनेंट जनरल धीरज सेठ की सराहना करते हुए उन्हें एक अनुभवी, सक्षम और दूरदर्शी सैन्य अधिकारी बताया। जनरल द्विवेदी ने विश्वास जताया कि उनके नेतृत्व में भारतीय सेना नई ऊंचाइयों तक पहुंचेगी और देश की सुरक्षा को और मजबूत बनाएगी।
अपने चार दशक लंबे सैन्य जीवन को याद करते हुए उन्होंने सैनिक स्कूल से लेकर सेना प्रमुख बनने तक के सफर को अविस्मरणीय बताया। उन्होंने कहा कि पिछले दो वर्षों में भारतीय सेना ने हर मोर्चे पर संतुलन, तैयारी और सतर्कता बनाए रखी। विदाई के इस अवसर पर उन्होंने शहीदों को नमन करते हुए सभी सैनिकों के समर्पण, साहस और बलिदान को देश की सबसे बड़ी ताकत बताया और कहा कि भारतीय सेना हमेशा राष्ट्र की सुरक्षा के लिए पूरी प्रतिबद्धता के साथ खड़ी रहेगी।
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‘देश की सेवा मेरा सबसे बड़ा सौभाग्य’, विदाई पर भावुक हुए जनरल उपेंद्र द्विवेदी
Source: Insight Now